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hindikavita साहित्य से समाज तक परमार्थ हिन्दीकविता भर दें मातृभाषा का सम्मान करें आ दें त्याग उलझन जीवन स्वार्थ कर भारतीय संस्कृति को बढा़वा दें ह्रदय स्वार्थ भाव त्याग कर हिन्दी साहित्य को बढा़वा दें अंतर्राष्ट्रीयकाव्यप्रतियोगिता दीनता मनुजता

Hindi स्वार्थ भाव को त्याग दें Poems